‘कदम उसी मोड़ पर जमे हैं,
नजर समेटे हुए खड़ा हूं,
जुनूं ये मजबूर कर रहा है पलट के देखूं,
खुदी ये कहती है मोड़ मुड़ जा।
अगरचे एहसास कह रहा है,
खुले दरीचे के पीछे दो आंखें झांकती हैं,
अभी मेरे इंतजार में वो भी जागती है,
कहीं तो उस के गोशा-ए-दिल में दर्द होगा,
उसे ये जिद है कि मैं पुकारूं,
मुझे तकाजा है वो बुला ले,
कदम उसी मोड़ पर जमे हैं,
नजर समेटे हुए खड़ा हूं।’
खुदा जब इश्क की इबारत लिखने बैठा तो थोड़ी देर बाद ही अधूरा छोड़कर उठ बैठा। इसके अहसास को शिद्दत से महसूस करने के लिए ही इसका अधूरापन बहुत जरूरी है। खुदा ने यह जान-बूझकर अधूरा छोड़ा क्योंकि इसे पूरा कर देता तो इंसान को किसी चीज की जरूरत नहीं होती।
कभी सोचा है कि क्यों किसी को खो देने की टीस किसी को पा लेने से खुशी से ज्यादा असर रखती है? हर किसी की जिंदगी में किसी को पा लेने की तीव्र उत्कंठा होती है, जो मंजिल तक नहीं पहुंच पाने के दर्द की शक्ल में हमेशा जिंदा रहती है। चाहे कुछ भी हो, प्रेम आपके अंतर्मन को नई परिभाषा देता है।
राधा और कृष्ण के नाम एक ही पन्नो पर लिखे हैं। फर्क बस इतना है कि दोनों एक-दूसरे के पीछे लिखे हैं। साथ भी हैं, जुदा भी नहीं और जुदा भी। ठीक ऐसी ही है इश्क की कायनात जिसमें आप जिसे खो देते हैं वह आपके जहनो-दिल में ऐसा बस जाता है कि आप उसके साथ भी हैं और जुदा भी। इस अधूरी मोहब्बत ने ही हमें गालिब, फराज, साहिर, फिराक जैसे अजीम शायर दिए हैं। उनके लफ्जों में इश्क के मायने और निखरकर आते हैं।
हमेशा किसी की हां से या किसी के पहलू में जिंदगी गुजारने से ही इश्क पूरा नहीं होता। इश्क होने से पहले क्या इस बात की शर्त रखी जाती है कि आप जिसे चाहें वह ताउम्र आपके पास रहे? क्या साथ रहना भी पास रहने जितना अहम नहीं है? शायद है, क्योंकि आपको उस शख्स से अहसासों का जुड़ाव है जो उम्र या फासलों से कभी नहीं मिट पाता।
जीवन के हर मोड़ पर जब आप थोड़ी देर रुककर अपने माजी को याद करेंगे तो वह चेहरा आपका पीछा करता नजर आएगा। ऐसा होना आपकी आने वाली जिंदगी पर असर डाले, ऐसा भी नहीं है। वह जो पीछे छूट गया है, उसे आप वापस तो नहीं ला सकते लेकिन उसकी यादें सहेजकर आने वाली जिंदगी में वही रंग भर सकते हैं। यह बात सच है कि अतीत अच्छा हो या बुरा, आगे चलकर दुःख ही देता है।
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अहमद फराज का एक शेर है :
‘उस शख्स को बिछड़ने का सलीका भी नहीं,
जाते हुए खुद को मेरे पास छोड़ गया।’
जिंदगी इस इश्क के फलसफे से पूरी हो जाती है लेकिन इश्क कभी खुद पूरा नहीं हो पाता। दिलों को दिलों से जोड़ने वाला यह अनूठा एहसास दिलों में नमी भी भर देता है। हर अफसाना बहुत मीठे दर्द से शुरू होता है लेकिन जरूरी नहीं कि ऐसे एहसास पर ही खत्म हो।
कई कहानियां अनचाही चुभती टीस पर खत्म होती हैं। ऐसे में लगता है कि दुनिया में कुछ भी नहीं बचा। सब कुछ खत्म हो गया। लेकिन यहीं से आपकी मोहब्बत आपकी प्रेरणा बन जाती है। आपके सोचने की शक्ति आश्चर्यजनक रूप से बदलने लगती है। यह ऐसा वक्त होता है जब आपके भीतर सब कुछ टूटने लगता है लेकिन आपके अंदर सृजन नई अंगड़ाई लेता है।
लेकिन सबसे मुश्किल लम्हा वह होता है जब वक्त की सीढ़ियों पर वह कभी आपको बैठे मिल जाए। तब क्या कीजिएगा, मुंह फेरकर चले जाइएगा या मुलाकात कीजिएगा? उनकी दहलीज पर न जाने की कसम तो आपने खाई ही होगी लेकिन अगर राह में ही टक्कर हो जाए तो क्या कीजिए? भले ही दोनों के बीच वक्त और हालात बहुत फासला बना देते हैं लेकिन एक-दूसरे को आप दोनों ने कभी भुलाया ही नहीं।
यादों में जिंदा शक्लें ख्वाबों के दरीचों में जब-तब उभर आती हैं। आंखों से समंदर फूट पड़ता है। कदम पीछे जाने को बेताब होते हैं लेकिन उसका कोई रास्ता ही नहीं होता। उसे भूलने के बहाने बार-बार याद करते हैं।
‘मुद्दतें गुजरी, तेरी याद भी आई ना हमें,
और हम भूल गए हों तुझे, ऐसा भी नहीं…।’
इश्क वह मुकद्दस जज्बा है जिसमें डूबकर ही उसे समझा जा सकता है। किनारे बैठकर इसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगा सकते। हर किसी की जिंदगी में ऐसा मौका आता है जब आपकी मोहब्बत उजड़ जाती है लेकिन यह अंत नहीं होता। यहां से आपकी नई यात्रा शुरू होती है। आपके अंतर की यात्रा, जिसमें आपको खुद को खोजना और पाना होता है।
बिछड़े हुए साथी की याद को दिल में दफन करने की कोशिश सभी करते हैं लेकिन ऐसा कभी मुमकिन नहीं होता। और इसे गम की तरह लेने की जरूरत ही नहीं। ऐसी स्थिति में यह सोचें कि आप कितने खुशकिस्मत हैं कि खुदा ने इश्क की नेमत आप पर बरसाई है। इतने खूबसूरत एहसास से आपको तरबतर किया है। जब भी माजी की यादों में खोएंगे तो हमेशा कुछ न कुछ जरूर पाएंगे। यह बेवजह जाया नहीं हुआ है।
भगवान ने दिल के रूप में सबसे अहम हिस्सा हमको दिया है। इसका काम है सिर्फ प्यार करना। यह प्रेम जानता है, प्रेम करता है और प्रेम चाहता है। इसे मौका दें कि आपके अंदर के प्यार को बाहर बिखेरें। अतृप्ति तो प्रेम का स्थार्यी भाव है, जो हमेशा रहेगा।






